1. अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच एकजुटता, समन्वय, एकता, स्नेह विश्वास, भाईचारा की भावना कायम करते हुऐ पारिवारिक वातावरण निर्मित करना। 
  2. अधिकारियों- कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने हेतु वरिष्ठ- कनिष्ठ कार्यालयों में पत्राचार करना एवं अधिकारी कर्मचारी संगठनों में एकजुटता बनाना। 
  3. प्रथम से चतुर्थ संवर्ग तक के अधिकारियों कर्मचारियों के बीच दूरी कम करना।
  4. नौकरी पेशा लोगों के अतिरिक्त अन्य सामान्य जनों (सेवानिवृत्त एवं अन्य) के उत्थान हेतु प्रयास करना। 
  5. राज्य शासन, केन्द्र शासन, शासन के सार्वजनिक उपक्रमों, अशासकीय/अर्द्धशासकीय संस्थाओं एवं स्थानीय निकायो, निगमों, मण्डलों द्वारा जारी आदेशो/निर्देशों के पालन हेतुम निगरानी रखते हुये सवैधानिक एवं अहिंसक कायवाही करना। 
  6. अधिकारियों – कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों (यथा भर्ती, नियुक्ति, पदस्थापना, स्थानांतरण) में नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु आवश्यक पत्राचार एवं सहयोग करना। 
  7. राज्य शासन, केन्द्र शासन, शासन के सार्वजनिक उपक्रमों, अशासकीय/ अर्द्धशासकीय संस्थाओं एवं स्थानीय निगमों, मण्डलों की संस्थाओं से संपर्क स्थापित कर समस्याओं के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करना। 
  8. शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु सभा, सेमीनार, शिविर आदि का आयोजन कर जन जागृति फैलाना। 
  9. अधत्व निवारण, विकलांगता, अस्पृश्यता निवारण, परिवार नियोजन, वृक्षारोपण, जल बचाओं अभियान, नारी शक्ति, नारी उत्पीड़न, लिंग भेद, दहेज प्रथा, बेटा बेटी में समानता, नशा मुक्ति, उपभोक्ता जागरण एवं मिलावट आदि सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध जन जागरण तथा उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों को प्रोत्साहन हेतु पंजीकृत समाज सेवी संस्थाओं तथा एच जी ओं समाजसेवियों में एकजुटता बनाना। शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना, विद्यालय व काॅलेज खोलने हेतु आवश्यक प्रयास एवं छात्रों को प्रोत्साहित करना। 
  10. मध्यप्रदेश शासन के अधिकारियों-कर्मचारियों पर विधि विरूद्ध कार्यवाही होने पर पत्राचार व अन्य प्रजातांत्रिक तरीकों से न्याय दिलवाने हेतु संयुक्त प्रयास करना। 

11. समााजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर समाज के उत्थान हेतु प्रयास करना।