Abhilekhpal ya Record Keeper ke kartavya

अभिलेखापाल या रिकार्ड कीपर के कर्तव्य 1
Abhilekhpal ya Record Keeper ke kartavya 1

प्रत्येक जिले में एक जिला अभिलेखागार या रिकार्ड रूम होता है कुछ स्थानों पर तहसील में भी अभिलेखागार होते है। जिले में जिला अभिलेखपाल या जिला रिकार्ड कीपर रहता है तहसीलों में सहायक अभिलेखापाल होते है। इनके कर्तव्य दिवानी एवं आपराधिक दोनों प्रकार के निराकृत प्रकरणों के अभिलेख को लेकर होते है अतः इनके कत्र्तव्यों को दोनों मामलों के लिए पृथक -पृथक अध्ययन करेंगे।

      व्यवहार या दीवानी के मामले में अभिलेख का अभिरक्षण या कस्टेडी
  1. जब निर्धारित सूचीयों सहित अभिलेख रिकार्ड रूम में प्राप्त होता है तब रिकार्ड कीपर यह जांच करेगें कि क्या अभिलेख सूची में प्रविष्टि के अनुसार है और उसकों उचित रूप से वर्गीकृत और व्यवस्थित किया गया है। अनुक्रमणिका अनुसार प्रपत्र संलग्न होने की जांच भी करेंगे और कोई भी अनियमिता पाई जाने पर प्रभारी अधिकारी के माध्यम से जिला न्यायाधीश महोदय को प्रतिवेदन देंगे। रिकार्ड कीपर का ध्यान नियम 343 म0प्र0 सिविल न्यायालय नियम 1961, जिन्हें आगे केवल नियम कहा जायेगा, की ओर दिलाया जाता है।
  2. रिकार्ड कीपर का यह भी कर्तव्य है कि वह यह जांच करें की अनुक्रमणिका या टेबल आॅफ कन्टेन्टस में दर्शाये अनुसार कोर्ट फीस लगी है और वह उचित रूप से पंच है और कोई अनियमिता पाई जाती है तो उसे प्रभारी अधिकारी के माध्यम से जिला न्यायाधीश महोदय को प्रतिवेदन देंगे साथ ही कोर्ट फीस को नियम 344 के अनुसार केन्सेल करेंगे यदि कोर्ट फीस के असली होने के बारे में कोई संदेह हो या उसे पुनः उपयोग में लाई गई हो तो उसका प्रतिवेदन न्यायालय अधीक्षक को देगें।
  3. नियम 340 के अनुसार अभिलेख निर्धारित सूचीयों में रिकार्ड रूम में भेजे जाने चाहिए और यदि नहीं भेजे गयें है और कोई अभिलेख रोका गया है तो प्रस्तुतकार या अन्य अधिकारी जिसके अभिरक्षा में अभिलेख रखा गया है उसके हस्ताक्षर अभिलेखागार पंजी के कालम नं0 7 में लेना चाहिए रिकार्ड कीपर का ध्यान नियम 346 की ओर इस संबंध में दिलवाया जाता है।
  4. रिकार्ड कीपर प्रत्येक माह की 10 तारीख को न्यायालय अधीक्षक के समक्ष अपना प्रतिवेदन इस संबंध में प्रस्तुत करेगें की ऐसे कौन से अभिलेख है जो विगत माह में ही रिकार्ड रूम में प्राप्त हो जाना चाहिए थे और जो अब तक प्राप्त नहीं हुए है न्यायालय आधीक्षक इस प्रतिवेदन को जिला न्यायाधीश महोदय को उचित आदेश के लिए रखते है। रिकार्ड कीपर का ध्यान नियम 347 की ओर दिलाया जाता है। इस नियम की कठोर पालना से प्रत्येक न्यायालय का अभिलेख समय पर रिकार्ड रूम में जमा होने लगता है।
  5. रिकार्ड कीपर का ध्यान नियम 348 की ओर आकर्षित किया जाता है जिसके अनुसार जिला न्यायाधीश एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के अपीलों का रिकार्ड तथा निष्पादन कार्यवाहियों को रिकार्ड मूल वादों के साथ रखे जाते है। लेकिन उन्हें मूल वादों की फाइल के साथ संलग्न नहीं किया जाता है। इस नियम का पालन किया जाना चाहिए । ऐसे निष्पादन कार्यवाहियाॅ जो अन्य जिलों से निष्पादन हेतु प्राप्त होती है उनके अभिलेख रिकार्ड रूम में एक पृथक बंडल में रखे जाते है । जिस पर ‘‘अन्य जिलों द्वारा निराकृत वादों के निष्पादन‘‘ का लेबल पृथक बंडल पर लगाया जाना चाहिए।

5. रिकार्ड रूम में बस्ते या बंडल बनाने में समानता रहे इसके लिए नियम 349 में आवश्यक निर्देश दिये गये है। जिनका पालन रिकार्ड कीपर द्वारा किया जाना चाहिए ताकि स्थान की बचत हो सके नियम 349 में बस्तों के समूह बनाने संबंधी भी निर्देश दिये गये है। नियम 349 के अनुसार बस्तों के लिए प्रयोग में लाये जाने वाला कपड़ा इतना बड़ा होना चाहिए की उससे अभिलेख या रिकार्ड पूरी तरह ढ़क जाये इस नियम में ऐसे कपड़े के एक सिरे में समूचित लंबाई का एक मजबूत धागा बांधे जाने का भी निर्देश है ताक बस्ते को कस कर लपेटे तो रिकार्ड धूल से बच सकता है। इस नियम में बस्ते को बांधने के भी निर्देश है जिसका पालन किया जाना चाहिए। नियम 349 में ही प्रत्येक बस्ते पर एक लेबल लगाने के निर्देश है जिस लेबल पर 1. न्यायालय का पद जैसे व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 2 या प्रथम अपर जिला न्यायाधीश, 2. निराकृत होने का माह और वर्ष, 3. अभिलेखागार क्रमांक या रिकार्ड रूम नं0 दर्ज करना चाहिए। निमय 349 के उपनियम 1 से 10 का सभी रिकार्ड कीपर को ध्यान पूर्वक अध्ययन करना चाहिए और इनमें दिये निर्देशों के अनुसार भी रिकार्ड रूम में रिकार्ड बस्ते बनाकर रखना चाहिए।

  1. जब रिकार्ड रूम से कोई रिकार्ड किसी कारण से हटाया जाता है तब रिकार्ड कीपर निर्धारित प्रारूप एक ज्ञापन या MEMO सबंधत बस्ते में हटाये गये रिकार्ड के स्थान पर रखेंगे और सिविल अभिलेखों की प्रेषण की अभिलेखागार पंजी में जिस मामले में वह रिकार्ड भेजा गया है उसका प्रकरण क्रमांक, पक्षकारों के नाम, न्यायालय या अधिकारी का पद जिसे वह भेजा गया है, अभिलेख हटाने की तारीख लिखेंगे और पंजी के संबंधित कालम में प्राप्त कर्ता न्यायालय या अधिकारी के लिपिक के हस्ताक्षर लेगें और जब वह रिकार्ड वापस प्राप्त हो जाता है तो उस पंजी में वापसी की तारीख अंकित करेंगे। रिकार्ड कीपर का ध्यान नियम 350 की ओर दिलवाया जाता है। जिसका कठोरता से पालन करने से रिकार्ड रूम से कोई भी रिकार्ड गुमने की संभावना नहीं रहती है और कोई रिकार्ड क्यो और कहां गया है इसका इस नियम के पालन से तत्काल पता लग जाता है।

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