Daily Order Sheet

दैनिक कार्यवाही की आर्डर शीट
1 दैनिक आदेश शीट
आप जानते हैं कि दैनिक आदेश शीट क्या है और वह किस लिये लिखा जाता है चलिये तो आज हम इसी विषय पर चर्चा करते हैं-
सबसे पहले मैं आपको यह बताना चाहूंगा की इसका उल्लेख म0प्र0 पुस्तक परिपत्र भाग एक क्रमांक 13 के पैरा 12 में मिलता है जो निम्नानुसार है –
इसमें जांच अधिकारी को कार्यवाहियों के साथ एक नोटशीट संलग्न करना चाहिए जिसमें उस मामले की प्रत्येक अवस्था में की गई कार्यवाही को संक्षेप में तिथि क्रमानुसार लेख करनी चाहिए। जो भी कार्यवाहियाॅं हो उसके अभिलेख जरूर संलग्न होना चाहिए तथा उसमें दस्तावेजी साक्ष्य जैसे गोपनीय पंजियों के लेख की प्रमाणित प्रतियां रखी जानी चाहिए।
वर्गीकरण नियम 14 23 दो ई के अनुसार दैनिक आदेश शीट जो होती है विभागीय जांच की कार्यवाहियों का महत्वपूर्ण अभिलेख है जिसे जांच अधिकारी द्वारा लिखी और रखी जाती है अन्य अभिलेखों के साथ इसे भी अनुशासनिक प्राधिकारी को प्रस्तुत किया जाता है। जब किसी सरकारी कर्मचारी/अपचारी सेवक की विभागीय जांच चल रही होती है तो दिन प्रतिदिन जो जांच अधिकारी कार्यवाहियाॅं करता है उसे वे इस दैनिक आदेश शीट में लिखते हैं। अपचारी सेवक और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी द्वारा विभागीय जांच के सम्बन्ध में जो निवेदन/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाते हैं उसका पूरा सारंश लिखते हैं और जांच अधिकारी इसके निपटारे में जो आदेश पारित करते हैं, उसे भी लिखा जाता है। मुख्यतः दैनिक आदेश शीट में निम्नलिखित बातें लिखी जाती हैं-
1 पेशी की तिथि को उपस्थित हुऐ व्यक्यिों के नाम, उनका पद और वे किसलिये उपस्थिति हुये उसका कारण
2 पेशी की तिथि को जांच अधिकारी द्वारा विभागीय जांच के कार्य संचालन का संक्षिप्त विवरण
3 प्रस्तुतकर्ता अधिकारी क्षरा आरोपों के समर्थन में अतिरिक्त अभिलेखों तथा गवाहों के प्रस्तुतीकरण के लिये निवेदन, उनकी अनुमति देना। यदि अनुमति नहीं देना है तो उसका कारण भी,
4 अपचारी सेवक द्वारा अतिरिक्त अभिलेखों की मांग करना, उनकी अनुमति देना, उनके उपलब्ध कराने की कार्यवाही का विवरण। यदि अनुमति नहीं देना है तो उसके कारण।
5 अपचारी सेवक द्वारा बचाव गवाहों के पेश करने की मांग करना, उसकी अनुमति देना, उनके पेश होने बावत् कार्यवाही का विवरण। यदि किसी गवाह को पेश होने की अनुमति नहीं दी गई हो तो उसका कारण,
6 यदि मांगे गए अभिलेखों को उपलब्ध कराने से उस अभिलेख के रखने वाले अधिकारी ने इनकार किया है तो ऐसे इनकार के तथ्य लिखना,
7 जब अनुशासनिक प्राधिकारी की ओर से प्रस्तुतकर्ता अधिकारी ने अपरा पक्ष समाप्त कर दिया तो वर्गीकरण नियम 14 16 के अनुसार, अपचारी सेवक को अपरा मौखिक या लिखित प्रतिवाद प्रस्तुत करने का अवसर देना। यदि लिखित प्रतिवाद प्रस्तुत करता है तो उसकी एक प्रति जांच अधिकारी को देना बावत् लिखना,
8 अपचारी सेवक द्वारा अपरा मामला समाप्त करने के बाद, जांच अधिकारी क्षरा उसके परीक्षण बावत नियम 14 18 के अंतर्गत अवसर देना,
9 जांच अधिकारी द्वारा सर्वप्रथम प्रस्तुतकर्ता अधिकारी की और इसके बाद अपचारी सेवक को, नियम 14 19 के अनुसार, सुनवाई का अवसर देना। यदि दोनों या कोई भी सुनवाई के बजाए लिखित ब्रीफ प्रस्तुत करना चाहते हैं तो सर्वप्रथम प्रस्तुतकर्ता अधिकारी लिखित ब्रीफ दो प्रतियों में देगा और उसकी एक प्रति अपचारी सेवक को दी जाएगी। इसके बाद अपचारी सेवक नियत तिथि पर अपना लिखित ब्रीफ दो प्रतियों में देगा और उसकी एक प्रति प्रस्तुतकर्ता अधिकारी को दी जाएगी। यह सभी तथ्य दैनिक नोटशीट पर लिखे जायेंगे।
10 आरोप पत्र आदि के तामील होने के बाद भी अपचारी सेवक ने यदि लिखित बचाव कथन प्रस्तुत नहीं किया अथवा वह निश्चित तिथि पर जांच अधिकारी के समक्ष पेश नहीं होता या इनकार करता है तो एकपक्षीय कार्यवाही करने की नोटिस देना तथा इसके बाद अगली तिथि पर सके अनुपस्थिति पर एकपक्षीय कार्यवाही करने के तथ्यों को लिखना
11 नियम 24 23 में वर्णित अभिलेखों के साथ जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का सन्दर्भ लिखना तथा अन्य अभिलेखों के साथ इस दैनिक आदेश शीट को भी अनुशासनिक प्राधिकारी को प्रस्तुत करना।
दैनिक आदेश शीट पर तिथिवार और तिथि सहित लिखना बहुत आवश्यक है इस पर जांच अधिकारी, प्रस्तुतकर्ता अधिकारी और अपचारी सेवक के हस्ताक्षर होना चाहिए। यदि अपचारी सेवक या उकसा बचाव सहायत और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी दैनिक आदेश शीट पर हस्ताक्षर करने से इंकार करते हैं तो इस तथ्य को भी उसमें उल्लेखित करना चाहिए।
तो मित्रों अब हम दैनिक आदेश शीट को समझ चुके हैं कि इसके अन्दर प्रत्येक कार्यवाही को तिथिवार लिखी जानी चाहिए। इसका सबसे अच्छा उदाहरण हमें देखने को मिलता है माननीय जिला न्यायालयों में जहां प्रत्येक फाइल में दैनिक आदेश शीट लिखी जाती है। दैनिक आदेश शीट की भाषा सरल और समझ में आने वाली होनी चाहिए। इसके साथ ही यह भी बहुत जरूरी है कि कार्यवाहियों को बनावटी नहीं होना चाहिए जो कार्यवाहियाॅं हुई हों उन्हें ही वैसी ही लिखी जानी चाहिए।

इसके साथ ही मेरा सुझाव यह है कि दैनिक कार्यवाही की आर्डर शीट को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए कुछ भी आए कोई भी प्रपत्र यदि आते हो तो सबसे सर्वप्रथम दैनिक कार्यवाही में उसे इंद्राज अवश्य करना चाहिए और पूरी डिटेल उसके अंदर में लिखने की चाहिए ताकि किसी भी कार्यवाही के संबंध में हमें लिखित रूप से जानकारी प्राप्त हो सके कि इस प्रकार की कार्यवाही में क्या-क्या किया गया था और क्या क्या हुआ है हर चीज की जानकारी हर कार्यवाही की जानकारी इस दैनिक कारवाही की आर्डर शीट में लिखना ही चाहिए इसके साथ ही कार्यवाही जिस प्रकार से जैसे की गई वैसी ही आर्डर शीट लिखनी चाहिए इसमें किसी भी प्रकार का गोलमोल अथवा घुमावदार या इसके शब्द ज्यादा क्लिष्ट नहीं होने चाहिए जिसे पढ़ने में अत्यंत कठिनाई उत्पन्न ना हो किसी भी विभाग के संबंध में उसकी दैनिक कार्यवाही की आर्डर शीट बहुत ही महत्वपूर्ण होती है जिसे हम नोटशीट भी कहते हैं और यह कार्य अत्यंत सावधानी पूर्वक करना चाहिए

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