Lekhaapal avam sahayak lekhapaal ke kartavya

लेखापाल /सहायक लेखापाल के कर्तव्य
Lekhapaal avam sahayak lekhapaal ke kartavya

प्रत्येक जिला न्यायालय में एक लेखापाल या एकाउंटेन्ट का तथा कुछ पद सहायक लेखापालों के होते है इनके बीच कार्य सुविधा की दृष्टि से आपस में विभाजित रहता है इनके मुख्य कर्तव्य निम्नानुसार है:-

1. समस्त प्रकार के भुगतान के बारे में प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करना और भुगतान की स्वीकृति प्राप्त हो जाने पर विभिन्न प्रकार के देयक या बिलस् बनाना जैसे अधिकारीगण/ कर्मचारीगण के वेतन बिल, ऐरियर्स बिल, यात्रा भत्ता बिल, मेि डकल बिल, सामान्य भविष्य निधि से अस्थायी /स्थायी आहरण के बिल, न्यायाधीशगण को प्राप्त विभिन्न प्रकार की सुविधाओं के बिल जैसे विद्युत, जल, टेलीफोन, समाचार पत्र/पत्रिका, वेतन समर्पण, एल.टी.सी. आदि के बिल, कार्यालय के स्टेशनरी, फर्नीचर आदि से संबंधित बिल। लेखापाल /सहायक लेखापाल का यह महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि वह उक्त समस्त प्रकार के बिल से संबंधित भुगतान प्रस्ताव और भुगतान स्वीकृति ठीक समय पर लेवे और अनुचित विलंब के बिना उक्त बिल तैयार करके कोषालय में भिजावे।
2. लेखापाल /सहायक लेखापाल का यह कर्तव्य है कि वह प्रत्येक शीर्ष के लंबित बिलों की पृथक-पृथक सूची मेंटेन करे ताकि सूची देखते ही यह पता लग जाये की किस शीर्ष में कितने बिल लंबित है और क्यों लंबित है ऐसी सूची रखने से यह भी पता लग सकता है कि किस शीर्ष में अतिरिक्त आबंटन की मांग करना है।
3. लेखापाल /सहायक लेखापाल का यह कर्तव्य है कि वह वार्षिक बजट समय पर तैयार करें इस कार्य को वह नाजिर के साथ मिलकर इस प्रकार करे कि प्रत्येक शीर्ष में आवश्यक राशि की मांग की जा सके न तो अत्याधिक राशि की मांग करना चाहिये और न ही अल्प राशि मांगना चाहिये एक संतुलित बजट गत वर्षो के अनुभवों के आधार पर बनाना चाहिये इसके बावजूद यदि आवश्यक हो तो समय के पूर्व अतिरिक्त आबंटन की मांग भी की जावे।
4. लेखापाल /सहायक लेखापाल का यह कर्तव्य है कि वह अधिकारीगण/कर्मचारीगण के अवकाश बावत् लेखे मेन्टेन करे अवकाश आवेदन समय पर नोट शीट के साथ जिला जज महोदय को प्रस्तुत करे अवकाश स्वीकृत या अस्वीकृत होने की दशा में समय पर आदेश बनाकर संबंधित को भिजावे। प्रायः अर्जित अवकाश /आकस्मिक अवकाश समय पर स्वीकृत या अस्वीकृत होकर संबंधित को प्राप्त नहीं हो पाते है इसे रोकने के लिये आवेदन आते ही नोट शीट बनाकर जिला जज महोदय के समक्ष रखना चाहिये।
5. लेखापाल /सहायक लेखापाल का यह कर्तव्य है कि वह अधिकारीगण /कर्मचारीगण की सेवा पुस्तिकाएॅं या सर्विस बुक, सेवा अभिलेख अपटूडेट रखे इनमे समय पर जिला जज महोदय या प्रभारी अधिकारी से प्रमाणिकरण लेवे सेवा अभिलेखों में वेतन वृद्धि संबंधी, वेतन निर्धारण संबंधी और अन्य आवश्यक प्रविष्टियाॅं समय पर करे।
6. लेखापाल /सहायक लेखापाल का यह कर्तव्य है कि वह पेंशन प्रकरण समय पर बनावे एक ऐसी कार्य प्रणाली विकसित करे कि आगामी वर्षो में जो कर्मचारीगण सेवा निवृत्त होने वाले है उनके पेंशन संबंधी कार्यवाही लगभग एक से दो वर्ष के पूर्व से इस प्रकार प्रारंभ कर दी जावे कि कर्मचारी के सेवा निवृत्त होते ही युक्तियुक्त समय के भीतर उसे पेंशन, ग्रेज्यूटी, सामान्य भविष्य निधि आदि की राशियाॅं मिल जावे। प्रायः यह देखा जाता है कि सेवा निवृत्ति के बाद भी कर्मचारीगण को अपने पेंशन और अन्य भुगतानों के लिए जिला न्यायालय कार्यालय /कोषालय आदि में भटकना पड़ता है यदि लेखापाल /सहायक लेखापाल ऐसी मानसिकता लेकर की एक दिन उन्हें भी सेवा निवृत्त होना है उक्त कार्य प्रणाली अर्थात सेवा निवृत्ति के एक से दो वर्ष के पूर्व से ही संबंधित कर्मचारी के पेंशन और अन्य भुगतान संबंधी कार्यवाही प्रारंभ कर देने की कार्यप्रणाली विकसित कर लेते है तो इससे उनका और संबंधित कर्मचारी का समय बचेगा और यह विभाग का कर्तव्य भी है कि वह जिस कर्मचारी में वर्षो तक विभाग की सेवा की है उसके भुगतान ठीक समय पर मिल जावे।
7. लेखापाल /सहायक लेखापाल का यह कर्तव्य है कि वह तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण की परीक्षा एवं साक्षत्कार आदि संबंधी अभिलेख मेन्टेन करें और इन्हें गोपनीय तरीके से रखे इस संबंध में होने वाले पत्राचार भी लेखापाल को ही देखना होता है।
8. लेखापाल /सहायक लेखापाल का यह कर्तव्य है कि वह स्थानांतरित अधिकारीगण /कर्मचारीगण का अंतिम वेतन प्रमाण पत्र या एल.पी.सीबनाकर शीध्र भेजे ताकि संबंधित अधिकारी/ कर्मचारी को नयी पद स्थापना पर वेतन आदि में कठिनाई न हो।
9. लेखापाल /सहायक लेखापाल का यह कर्तव्य है कि वह अधिकारीगण /कर्मचारीगण का प्रत्येक वर्ष के अप्रैल माह से ही आयकर संबंधी एक आंकलन तैयार कर ले की संबंधित अधिकरीगण/ कर्मचारीगण का उस वित्तीय वर्ष में कितना आयकर बनेगा और उस अनुसार मासिक आयकर कटौती के बारे में प्रस्ताव माननीय जिला जज महोदय के समक्ष रखे साथ ही संबंधित अधिकारी /कर्मचारी से भी इस संबंध में पूछताछ की जा सकती है ।
10. लेखापाल /सहायक लेखापाल का यह कर्तव्य है कि वह संबंधित अधिकारीगण /कर्मचारीगण को समय पर फार्म नं. 16 उपलब्ध करावे ताकि वे अपना आयकर रिटर्न समय पर जमा कर सके।
      लेखापाल एवं सहायक लेखापाल द्वारा ही पूरे जिले में सारी व्यवस्थाओं से संबंधित नोटशीट होती हैं तथा कार्यालय का पूरा काम भी लेखापाल से होकर ही गुजरता है ऐसी स्थिति में उनके पास कार्य की अधिकता स्वाभाविक होती है वेतन वगैरह के निर्धारण के समय उन्हें सजगता से काम करना चाहिए क्योंकि जब कभी किसी कर्मचारी को ज्यादा पैसे उसके वेतन से मिल जाते हैं और जब भविष्य में उस गलती का पता चलता है तो काफी नुकसार संबंधित कर्मचाही को उठाना पडता है ऐसी स्थिति से बचने के लिये पूर्ण प्रयास करना चाहिये की किसी भी कर्मचारी को अधिक भुगतान न हो सके। मैंने अपने कार्यकाल में कई ऐसे कर्मचारियों को छोटी से गलती से लाखों रूपये ब्याज के साथ जो कि 12 प्रतिशत है के हिसाब से अपने वेतन से भरना पडा क्योंकि वे वेतन निर्धारण के संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं रखते हैं। फिलहाल अब इस प्रकार की गलतियॉं होना अत्यधिक कम हो गई हैं क्योंकि मध्यप्रदेश शासन के साफ्टवेयर में ही गलत जानकारी इन्द्राज नहीं की जा सकती है जिससे पहली स्टेज पर ही गलतियॉं रूक जाती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *