nyayik karmchari Criminal Reader ke kartavya 3

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        नियम 446 के अनुसार वारंट मामलों में नस्ती ’’बी’’ में एक मुख्य पृष्ठ या टाइटिल पेज होगा और वे समस्त प्रपत्र रखे जावेगे जिनका उल्लेख नस्ती ’’ए’’ में नहीं है।

बी. समंन मामले में

नियम 447 के अनुसार समंन मामले में भी दो भागों या नस्तीयों में अभिलेख रखा जाता है जिन्हें नस्ती ’’ए’’ व नस्ती ’’बी’’ से चिन्हित किया जाता है। नियम 448 के अनुसार नस्ती ’’ए’’ में रखे जाने वाले दस्तावेजों का विवरण है जो वारंट मामलों के ही समान है और नियम 449 के अनुसार नस्ती ’’बी’’ में वारंट मामलों की तरह ही व्यवस्था है अतः क्रिमिनल रीडर का ध्यान नियम 448 व 449 की ओर दिलवाया जाता है।

सी. संक्षिप्त विचारण मामलों में
  1. नियम 450 के अनुसार संक्षिप्त विचारण प्रक्रिया के मामले का अभिलेख दो फाइल या नस्तीयों में रखा जाता है जो नस्ती ’’ए’’ और नस्ती ’’बी’’ के रूप में नामांकित या चिन्हित होती है।
  2. नस्ती ’’ए’’ में मुख्य पृष्ठ आदेश पत्र और धारा 263 और 264 दं.प्र.सं में वर्णित विषयों का निर्धारित प्रारूप में अभिलेख, निर्णय और परिशांति कायम रखने के लिये बंद पत्र या परीविक्षा के जमानत मुचलके, राजीनामा आवेदन रखा जाता है।
  3. अपील या पुनरीक्षण न्यायालय के आदेश के प्रतिलिपि।
  4. धारा 250 दं.प्र.सं. की कार्यवाही।
  5. सजा वारंट की कार्बन प्रति।
  6. वारंट जो दंडादेश के निष्पादन के पश्चात् लौटा हो और अर्थदंड वसूली की समस्त कार्यवाहियाॅं।
  7. नस्ती ’’बी’’ एक टाइटिल पेज व मुख्य पृष्ठ जिनका उल्लेख नस्ती ’’ए’’ में है रखे जाते है।

डी. धारा 203 में दं.प्र.सं. में निरस्त परिवाद

नियम 452 की ओर क्रिमिनल रीडर व निष्पादन लिपिक का ध्यान आकर्षित किया जाता है जिसके अनुसार निरस्त परिवाद के अभिलेख रखे जाते है।

इ. विविध प्रकरण

क्रिमिनल रीडर /निष्पादन लिपिक का ध्यान नियम 456 की ओर दिलवाया जाता है जिसमें विविध जाॅंच कार्यवाहियों का अभिलेख संमन मामलों की तरह या वारंट मामलों की तरह जैसी भी परिस्थिति हो रखने के निर्देश है।

एफ. अपील या पुनरीक्षण न्यायालय का अभिलेख

नियम 457 के अनुसार अपील पुनरीक्षण न्यायालय का अभिलेख जहां तब संभव हो इस प्रकार रखा जाना होता है जैसे विचारण न्यायालय का अभिलेख रखे जाते है केवल इतना अंतर होता है कि इन मामलों में एक नस्ती या एक फाइल होती है जिसमें मामले के समस्त कागजात रखे जाते है।

विविध निर्देश
  1. नियम 471 के अनुसार दस्तावेज विचारण के प्रगति के साथ ही उस नस्ती में या फाइन में रखे जाना चाहिये जिसमें रखने के निर्देश उपर के नियमों में दिये गये है। प्रकरण को रिकार्ड रूप में जमा करने के पूर्व दस्तावेजों को उचित नस्ती में संलग्न करने का कार्य पूर्ण कर लिया जाना चाहिये।
  2. जब किसी मामले में अभियुक्त फरार हो जाता है तब मुख्य पृष्ठ या टाइटिल पेज पर लाल स्याही से ’’अभियुक्त फरार’’ अंकित करना चाहिये।
  3. अनुक्रमाणिका या टेबल आॅफ कंटेन्ट मुख्य पृष्ठ या टाइटल पेज के पीछे प्रिंट होती है नियम 474 के अनुसार इसको भरा जाना चाहिये।
  4. नियम 466 जाली दस्तावेजों को रखे जाने के बारे में है। क्रिमिनल रीडर का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जाता है।उक्त अनुसार सेशन न्यायालय और Majistrate न्यायालय के विभिन्न अभिलेख रखे जाते है क्रिमिनल रीडर व निष्पादन लिपिक को मध्यप्रदेश नियम एवं आदेश आपराधिक के अध्याय 18 के नियम 441 से 475 के अनुसार अभिलेख रखना चाहिये। क्रिमिनल रीडर व निष्पादन लिपिक का ध्यान उक्त नियमों की ओर आकर्षित किया जाता है। क्रिमिनल रीडर व निष्पादन लिपिक का यह महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि वह नियम 626 के अनुसार सेशन न्यायालय के रिटर्न भेजे, नियम 627 Majistrate के रिटर्न के बारे में है क्रिमिनल रीडर का ध्यान नियम 593 से 635 की ओर दिलाया जाता है जिनको ध्यान में रखते हुये समय पर और शुद्ध मानचित्र और नक्शे तैयार करके भेजे जाने चाहिये।
  5. नियत पत्रक एवं मानचित्र (च्मतपवकपबंस त्मजनतदे ंदक ैजंजमउमदजे तैयार करना व समय पर भेजना 

          क्रिमिनल रीडर मानचित्र और पत्रको में वास्तविक लंबित मामले दर्शाने के लिये वर्ष में एक बार लंबित पत्रावलियों का भौतिक सत्यापन करे और लंबित पत्रावलियों की वर्षवार और क्रमवार सूची बनावे ताकि वास्तविक लंबित मामले कितने है यह स्पष्ट हो सके और उसी के अनुरूप नक्शे और पत्रक में भी सही आकडे़ आ सकेंगे। इसे पूर्व में सामान्य बोल चाल की भाषा मे गोशवारा निकालना भी कहते थे जो प्रथा बंद कर दी गई इसे फिर से शुरू करना चाहिये।

अभिलेखों का जिला अभिलेखागार में भेजा जाना

क्रिमिनल रीडर व निष्पादन लिपिक का यह महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि वह निराकृत प्रकरणों का अभिलेख आगामी माह की 5 तारीख तक जिला अभिलेखागार या रिकार्ड रूप में तैयार करके सूचीयाॅं बनाकर भेजे और इस नियम का कड़ाई से पालन करें। प्रायः यह देखा जाता है कि सेक्शन में ऐसे पुराने रजिस्टर जिनका कोई काम नहीं बचा है रखे रहते है क्रिमिनल रीडर का ध्यान इस ओर आकर्षित करवाया जाना चाहिए की ऐसे सभी पुराने रजिस्टर को तैयार करके उनकी सूची बनाकर जिला अभिलेखागार में जमा करावे। ताकि अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख रखने के लिए जगह भी बनेगी और सेक्शन व्यवस्थित दिखेगी।

अभिलेखों का समय पर प्रतिलिपि शाखा या वरिष्ठ न्यायालय को भेजा जाना।

क्रिमिनल रीडर का यह महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि वह प्रतिलिपि शाखा से आवेदन प्राप्त होने के तत्काल या अनुचित विलंब के बिना प्रतिलिपि शाखा में अभिलेख प्रेषित करे ताकि पक्षकारों को समय पर प्रतिलिपि मिल सकें। क्रिमिनल रीडर का यह महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि जैसे ही वरिष्ठ न्यायालय या किसी भी न्यायालय से मांग पत्र प्राप्त होता है तो वह उसका अभिलेख रवाना करे।

लूज पेपर्स

क्रिमिनल रीडर का यह महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि शाखा मे लूज पेपर्स न रहे और यदि लूज पेपर्स है तो संबंधित प्रकरण में लगाया जावे।

  1. गवाहों के व अभियुक्तगणों के समंन, वारंट एवं सूचना पत्र के संबंध में

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