saankhyikee lipik ya steteekal karlak ke kartavy

सांख्यिकी लिपिक या स्टेटीकल कर्लक के कर्तव्य
saankhyikee lipik ya steteekal karlak ke kartavy
प्रत्येक जिला न्यायालय में एक सांख्यिकी लिपिक या स्टेटीकल कर्लक का पद होता है जिसके कर्तव्य निम्ननानुसार है:-

1. पूरे जिले के समस्त न्यायालयों से प्राप्त मानचित्रों या स्टेटमेंट और अन्य जानकारियों को संकलित या कनसोलिडेट करके माननीय उच्च न्यायालय को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक अनिवार्य रूप से भिजवाना। यह सांख्यिकी लिपिक का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है जिसका उसे कठोरता से पालन करना चाहिये और ऐसे सभी प्रयास किये जाना चाहिये की माननीय उच्च न्यायालय को उचित समय पर सभी प्रकार के मानचित्र और जानकारियाॅं पहूंच जाये। प्रत्येक जिले से मासिक, त्रैमासिक, अर्द्धवार्षिक और वार्षिक मानचित्र और अन्य जानकारियाॅं भेजी जाती है सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि वह ये जानकारियाॅं समस्त न्यायालयों से उनके अनुभाग में समय पर प्राप्त हो जावे इसके लिये माननीय जिला जज महोदय के माध्यम से ज्ञापन भिजावे संबंधित सिविल रिडर, निष्पादन लिपिक व अन्य कर्मचारीगण के मोबाइल नंबर अपने पास रखे ताकि उनसे तत्काल संपर्क करके जानकारी
बुलवाई जा सके। सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने अनुभाग में विभिन्न न्यायालयों से प्राप्त मानचित्रों एवं अन्य जानकारियों की पृथक-पृथक पत्रावलियाॅं बनाकर रखे जिले में कितने न्यायालय है उनकी सूची रखे और उसी सूची के सामने एक ऐसा इंडेक्स रखे जिसे देखते ही यह पता लग जावे की किस न्यायालय से कौन सा मानचित्र प्राप्त हो चुका है या होना है।
2. सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि वह कार्य विभाजन पत्रक या डिस्ट्रीब्यूशन मेमो माननीय जिला जज महोदय के निर्देशन पर तैयार करे और उसे वर्ष के प्रारंभ में सभी न्यायालयों को भिजावे यह अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है जिसे पूर्ण सावधानी से किया जाना चाहिये।
3. सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि वह माननीय उच्च न्यायालय, राज्य शासन आदि से प्राप्त होने वाले सर्कूलर को माननीय जिला जज महोदय के आदेशानुसार जिले के समस्त न्यायालयों /अनुभागों में उनकी प्रकृति के अनुसार सर्कूलेट करे और सर्कूलर को पत्रावली या फाइल बनाकर रखे ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोई भी सर्कूलर आसानी से उपलब्ध हो सके। सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि वह इन सर्कूलर को उनके प्रकार के अनुसार अलग-अलग पत्रावली बनाकर रखे इसके लिये सांख्यिकी लिपिक अलग-अलग शीर्ष या हेड बना सकते है और उसके अनुसार सर्कूलर रख सकते है।
4. कुछ स्थानों पर सांख्यिकी लिपिक को नोटरी, शपथ आयुक्त, आवेदन पत्र लेखक एवं अधिवक्ताओं के लिपिक /मुंशी से संबंधित कार्य भी आबंटित रहता है अतः सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि वह शपथ आयुक्त एवं आवेदन पत्रक लेखक, अधिवक्ताओं के लिपिक आदि से संबंधित अभिलेख मेन्टेन करें सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि जिले के शपथ आयुक्त, नोटरी, आवेदन पत्रक लेखक एवं अधिवक्ताओं के लिपिक एवं मुंशी के बारे में पृथक-पृथक पत्रावलियाॅं बना कर रखे। इनसे संबंधित पत्र व्यवहार अपटूडेट रखे। अधिवक्ता के क्लर्क या मुंशी के बारे में नियम 538 सिविल एवं नियम 750 फौजदारी के अनुसार एक रजिस्टर मेन्टेन करना होता है जिसमें काॅलम नं. 1 से 9 में विभिन्न जानकारियाॅं अंकित करनी होती है सांख्यिकी लिपिक यह रजिस्टर उचित रीति से मेन्टेन करें। अधिवक्ता के कर्लक के आवेदन के साथ नियम 539 सिविल एवं नियम 751 फौजदारी के अनुसार प्रमाण पत्र और जानकारी लगाना होती है सांख्यिकी लिपिक यह जांच करे की ऐसी जानकारी लगाई गयी है या नहीं। नियम 540 दिवानी एवं नियम 752 फौजदारी के अनुसार प्रत्येक वर्ष की 15 जनवरी के पूर्व नवीनीकरण आवेदन अधिवक्ता के कर्लकों/ मुंशी के बारे में देना होते है जिनके साथ नियम 541 सिविल या नियम 753 फौजदारी के अनुसार शुल्क लगाना होती है। सांख्यिकी लिपिक जांच करे की ऐसे नवीनीकरण आवेदन और उनके शुल्क समय पर दी गई है या नहीं। नियम 544 सिविल एवं नियम 756 फौजदारी के अनुसार मान्यता प्राप्त लिपिकों /मुंशी के नामों की सूचना जिले के समस्त न्यायालयों को भिजवाना चाहिये ताकि अधिकृत कर्लक /मुंशी ही न्यायालय में प्रविष्ठ हो सके। नियम 542 सिविल एवं नियम 754 फौजदारी के अनुसार अधिवक्तागण के कर्लक के पद के लिये आवश्यक योग्यताएॅं बताई गई है जिसके अनुसार उसे हिन्दी भाषा का पर्याप्त ज्ञान होना चाहिये और संबंधित अधिवक्ता यदि उच्च न्यायालय में व्यवसाय करते है तब अग्रेंजी का भी पर्याप्त ज्ञान होना आवश्यक है उसका अनुमोदन अधिवक्ता संद्य से होना आवश्यक है अतः इन नियमों को सांख्यिकी लिपिक नोट शीट लिखते समय ध्यान में रखे साथ ही नियम 543, 545 सिविल एवं नियम 754 एवं 757 फौजदारी के प्रावधान को भी ध्यान में रखे। नियम 536 से 552 सिविल एवं नियम 748 से 764 फौजदारी के प्रावधान अधिवक्ता व्यवसायियों के कर्लक या मुंशी के बारे में है जिन्हें सांख्यिकी लिपिक को ध्यान में रखना चाहिये और उन्हीं के अनुरूप अभिलेख मेन्टेन करना चाहिये और उन्हें ध्यान में रखकर इस संबंध में नोट शीट लिखना चाहिये।
5. सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि वह आवेदन पत्र लेखक या पीटिशन राइटर के संबंध में नियम 765 से 790 फौजदारी के प्रावधानों को ध्यान में रखे। नियम 769 फौजदारी के अनुसार 20 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति आवेदन पत्र लेखक के लिये आवेदन कर सकता है नियम 770 फौजदारी में आवेदन पत्रों में उल्लेखित तथ्यों का विवरण है और नियम 771 में आवेदन पत्र लेखक की योग्यता बताई गई है जिन्हें सांख्यिकी लिपिक को ध्यान में रखना चाहिये ताकि आवेदन पत्र लेखक की अनुज्ञप्ति के संबंध में नोट शीट लिखने में सुविधा रहे।
6. सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि वह जिले के नोटरी और शपथ आयुक्त के संबंध में प्राप्त हुये पत्राचार का अभिलेख उचित रीति से मेन्टेन करे पत्रों का सही समय पर उत्तर तैयार करके नोट शीट के साथ माननीय जिला जज महोदय के समक्ष रखे।
7. सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि वह माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय द्वारा समय≤ पर सौपे गये कार्याे को करे। सांख्यिकी लिपिक का यह कर्तव्य है कि वह जिले के समस्त न्यायालयों के लंबित प्रकरणों की स्थिति के बारे में ऐसी जानकारी सदैव तैयार रखे कि माननीय जिला जज महोदय द्वारा पूछे जाने पर वह लंबित प्रकरणों की स्थिति तत्काल बता सके। सांख्यिकी लिपिक को वर्ष के प्रारंभ में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय के समक्ष जिले के समस्त न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की स्थिति को एक चार्ट बनाकर रखना चाहिये ताकि माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय वर्ष के प्रारंभ में ही समस्त न्यायालयों के बीच प्रकरणों को उनकी प्रकृति के अनुसार उचित रीति से विभाजित कर सके।

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