एनपीएस में सरकार के योगदान में की गई वृद्धि से सरकारी खजाने पर 2019-20 में 2,840 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पडऩे का अनुमान है…

नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले अपने कर्मचारियों के लिए अपना योगदान बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एनपीएस में अपनी हिस्सेदारी मूल वेतन के मौजूदा 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी करने का फैसला किया है। हालांकि, न्यूनतम कर्मचारी योगदान 10 फीसदी बना रहेगा।

सरकार ने कहा कि इस कदम से संचित राशि में बढ़ोतरी से 18 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा। इस कदम से बिना किसी अतिरिक्त बोझ के सेवानिवृत्ति के बाद अधिक पेंशन का भुगतान मिलेगा और ऐसे समय में जब जीवन प्रत्याशा बढ़ रही है, इससे बुजुर्ग लोगों को सुरक्षा मिलेगी।

इसमें कहा गया कि एनपीएस में सरकार के योगदान में की गई वृद्धि से सरकारी खजाने पर 2019-20 में 2,840 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पडऩे का अनुमान है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह फैसला 6 दिसंबर को लिया था, लेकिन अगले दिन राजस्थान में चुनाव होने की वजह से इसकी घोषणा नहीं की थी।

केंद्र सरकार की सेवा में एक जनवरी 2004 को या इसके बाद शामिल होने वाले नए लोगों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत शामिल किया गया है।














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